Amber Fort Jaipur In Hindi || Amer Fort Jaipur Rajasthan

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Amer Fort Jaipur In Hindi

राजस्थान राज्य की पिंक सिटी जयपुर में स्थित हे ये खूबसूरत आमेर का किला | आमेर का किला अरावली पहाड़ी की चोटी पर स्थित है। मीणा राजा आलन सिंह ने आमेर के किले को  बसाया था, कम से कम 967 ईस्वी से यह नगर मौजूद रहा है, बाद में इसे 1037 ईस्वी में राजपूत कछवाह वंश ने जीत लिया था। आमेर नगरी और वहाँ के मंदिर तथा किले राजपूती कला का अद्वितीय उदाहरण है। amber fort jaipur rajasthan


Amber Fort Jaipur In Hindi by saffer india

Amer Fort अपनी खूबसूरती वास्तुकला और इतिहास की वजह से प्रसीद है। आमेर का किले  में पुरे भारत से यहाँ पर हर रोज लगभग करीब पांच हजार लोग घूमने के लिए आते हैं। यह किला गुलाबी और पीले बलुआ पत्थरों से मिलकर बना हुआ है। जो इसकी खूबसूरती और भी बड़ा देता है यहाँ पर स्थित प्रसिद्ध दुर्ग आज भी ऐतिहासिक फिल्मों के निर्माताओं को शूटिंग के लिए आमंत्रित करता है। 

यहाँ का मुख्य द्वार गणेश पोल कहलाता है, जिसकी खूबसूरत नक्काशी अत्यन्त आकर्षक है। यहाँ की दीवारों पर कलात्मक चित्र भी बनाए गए थे और कहते हैं कि उन महान कारीगरों की खूबसूरत कला को देखकर मुगल बादशाह जहांगीर इतना नाराज़ हो गया कि उसने इन चित्रों पर प्लास्टर करवा दिया। 

ये चित्र धीरे-धीरे प्लास्टर उखड़ने से अब दिखाई देने लगे हैं। अगर आप आमेर के किले के बारे में और जानना चाहते हैं तो इस आर्टिकल को पूरा जरुर पढ़ें, यहां हम आपको आमेर के किले का इतिहास, वास्तुकला, के बारे में पूरी जानकारी देने जा रहे हैं।

Amber(Amer) Fort History In Hindi

Amber Fort के इतिहास के बारे में बात करें तो यहाँ पहले कछवाहों के शासन से पहले एक छोटा सा शहर था, जहा मीणा नाम की एक छोटी सी जनजाति का यहाँ पर निवास था| इस किले का नाम भगवान शिव के एक नाम अंबिकेश्वर पर पड़ा है। हालांकि, कुछ स्थानीय लोगों का कहना है कि यह नाम देवी दुर्गा के नाम अंबा से लिया गया है।

इस शहर पर 11 वीं शताब्दी से 16 वीं शताब्दी तक कछवाहों का शासन रहा था। इस किले का निर्माण 1592 ई में राजा मान सिंह ने करवाया था और अगले 150 वर्षों तक उनके उत्तराधिकारियों व् वन्सजो ने इस किले का विस्तार और नवीकरण का काम किया। पहले इस जगह का नाम कदीमी महल था 

जो भारत का सबसे पुराना महल है। इस महल में उनकी संरक्षक देवी ‘शीला माता’ को समर्पित एक छोटा मंदिर भी है जिसका निर्माण  राजा मान सिंह ने किया था। मुगलो द्वारा कई पुरानी संरचनाओं के नष्ट होने और कई संरचनाओं के निर्माण बाद भी आज भी यह किला कई बाधाओं का सामना करते हुए बड़ी ही शान से खड़ा हुआ है। और उतना ही खूबसूरत है 

Amber Fort की आंतरिक सुंदरता में महल में बना शीश महल सबसे बड़ा आकर्षक है। भारत में स्थित राजपूतो के सभी किलो और महलो में आमेर का किला सबसे रोमांचक व खूबसूरत है। आमेर किले की परछाई पास में स्तिथ मौटा झरने में पड़ती है, जो एक चमत्कारिक परियो के महल की तरह ही दीखता है।  

किले का सबसे बड़ा आकर्षक कीले के नीचे है जहां हाथी आपको आमेर किले में ले जाते हैं।  हाथी की सैर करना निश्चित ही सभी को पसंद  है।  

देवी मंदिर

आम्बेर का किला देवी के मंदिर के कारण देश भर में विख्यात है। शीला-माता का यह प्रसिद्ध मंदिर देव-स्थल भक्तों की मनोकामना पूर्ण करने तहत  देवी चमत्कारों के कारण श्रद्धा का केन्द्र है। शीला-माता की मूर्ति मनोहारी है और शाम को यहाँ पूजा के दौरान धुपबत्तियो की सुगंध में जब आरती होती है तो भक्तजन को एक अलग ही अलौकिक शक्ति का अहसास होता है तथा भक्त-गण प्रभावित हुए बिना नहीं रहते।

 देवी की आरती और आह्वान से जैसे मंदिर का वातावरण एकदम शक्ति से भर जाता है।  पूरा माहौल चमत्कारी हो जाता है। निकट में ही वहाँ जगत शिरोमणि का वैष्णव मंदिर है, जिसका तोरण सफ़ेद संगमरमर का बना है और उसके दोनों ओर हाथी की विशाल प्रतिमाएँ हैं

Amber Fort Architecture In Hindi


Amber Fort पारंपरिक हिंदू और राजपुताना शैली में बना हुआ है, जिसका निर्माण  संगमरमर और लाल बलुआ पत्थरों से हुआ है  इस किले में आपको प्राचीन शिकार शैलियों और महत्वपूर्ण राजपूत शासकों के चित्र देखने को भी मिल जायेगे| आमेर के किले को चार भागों में विभाजित किया गया है जिसका प्रत्येक भाग अपने अलग प्रवेश द्वार और आंगन से सजा हुआ है।

 इस किले के मुख्य द्वार को ‘सूरज पोल’ या सूर्य द्वार कहा जाता है जो मुख्य प्रांगण की ओर जाता है। पूर्व में  स्थित इस प्रवेश द्वार का नाम सूर्य द्वार उगते सूर्य के संबंध में इसकी स्थिति की वजह से पड़ा है। इस किले में सीढ़ियों की मदद से आप महल परिसर में ‘जलेब चौक’ नामक एक प्रभावशाली प्रांगण की तरफ पहुँच जाते हैं। 

यह सीढ़ियाँ सीतला माता मंदिर की ओर जाती हैं। जलेब चौक का उपयोग सेना द्वारा अपने युद्ध के समय को फिर से प्रदर्शित करने के लिए किया गया था जहां महिलाओं को केवल खिड़कियों के माध्यम इसे देख सकती थी।

शीश महल


शीश महल की  भीतरी दीवारों और गुम्बदों और छतों पर शीशे के टुकड़े इस प्रकार जड़े गए हैं कि केवल कुछ मोमबत्तियाँ जलाते ही शीशों का प्रतिबिम्ब पूरे कमरे को प्रकाश से जगमग कर देता है।

Amer Fort अपने शीश महल के कारण भी प्रसिद्ध है। इसकी भीतरी दीवारों, गुम्बदों और छतों पर शीशे के टुकड़े इस प्रकार जड़े गए हैं कि केवल कुछ मोमबत्तियाँ जलाते ही शीशों का प्रतिबिम्ब पूरे कमरे को प्रकाश से जगमग कर देता है। सुख महल व किले के बाहर झील बाग का स्थापत्य अपूर्व है।

यह पर एक कहावत भी प्रसिद्ध है जिसका दवा हम नहीं करते लेकिन यह कहा जाता हे की मुग़ल शाशक अकबर और राजा मानसिंह के बीच एक गुप्त समझौता हुआ था कि किसी भी युद्ध में विजयी होने पर वहाँ से प्राप्त सम्पत्ति में से भूमि और हीरे-जवाहरात बादशाह अकबर के हिस्से में आएगी तथा शेष अन्य खजाना और मुद्राएँ राजा मान सिंह की सम्मति में आएगी। 

इस प्रकार की सम्पत्ति प्राप्त करके ही राजा मान सिंह ने समृद्धशाली जयपुर राज्य का संचलन किया था। आमेर के महलों के पीछे दिखाई देता है नाहरगढ़ का ऐतिहासिक किला, जहाँ अरबों रुपए की सम्पत्ति ज़मीन में गड़ी होने की संभावना और आशंका व्यक्त की जाती है।



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